ऊंडै अंधारै कठैई

UNDE ANDHRE KATHE(1)डॉ. नन्दकिशोर आचार्य री टाळवी कवितावां
ऊंडै अंधारै कठैई (2016) संचै-अनुसिरजण : नीरज दइया
प्रकाशक : सूर्य प्रकाशन मन्दिर, बीकानेर- 334003, पाना : 120, कीमत : 200/-

फ्लैप : मोहन आलोक – अेक लाम्बै मिठास रै सीगै
पोथी री भूमिका / नीरज दइया : अनुसिरजण – मूळ कविता रो भावाभिनय
समीक्षावांडॉ. मदन सैनी

01052016

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